Skip to main content

Posts

Showing posts with the label मित्र

दिल का दिल से नाता

अनजाना सा

बिन कहे ही

Thought on mother by sneh premchand

कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि किस मूढ़ में रहा होगा भगवान जब उसने किया होगा मां का निर्माण।।

मित्र thought by snehpremchand