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मात पिता

हिसाब ए जिंदगी

ग्यारह thought by sneh premchand

एक और एक होते हैं गयारह एकता मे बल है,बचपन से सुनते आए हैं। बहुत सही है,ये आज़मा कर देख लो, इकठ्ठे होने से बन जाते एक दूजे के साये हैं।।

लम्हे thought by snehpremchand

जब हिसाब ए ज़िन्दगी करने लगे तो  सबसे खूबसूरत वो लम्हे निकल कर आए, जब सिर पर होते थे  मात पिता के अनमोल से साए ।। स्नेहप्रेमचन्द