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Poem on life. जेब , thought by snehpremchand

सुविचार,,,,,,,,,,जन्म के साथ ही मरण निर्धारित है,सब मानते हैं,सब जानते हैं, जन्म के बाद तन पर धारण करने वाला पहला वस्त्र लंगोट और मृत्यु पर धारण किया जाने वाला कफ़न दोनों ही बिना जेब के हैं, और इंसान ताउम्र जेब भरने के  चक्कर में जीवन को सही तरीके से भी नही जीता,यह विडंबना नही तो क्या है?