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सेनेटाइजर thought by snehpremchand

हे ईश्वर एक ऐसा sanitizer बना दे जो धो दे मन के समस्त विकार।  एक प्राणी को प्रेम हो दूजे प्राणी से,  प्रेम ही जीवन का आधार।।               Snehpremchand

प्रेम

प्रेम न जाने जाति मज़हब प्रेम न जाने ऊँच नीच की कोई दीवार। मन की डोर बंधी होती है मन से प्रेम धो देता है मन के समस्त विकार।।              स्नेहप्रेमचंद