Skip to main content

Posts

निरस्त नहीं दुरुस्त

Recent posts

कभी रुकी नहीं कभी थकी नहीं

अतीत और वर्तमान

कभी रुकी नहीं कभी थकी नहीं(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

निरस्त नहीं दुरुस्त(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा)

मधुर आगमन(( मनोभाव स्नेह प्रेमचंद द्वारा)

चंद लम्हों में कैसे कह दूं(( विचार स्नेह प्रेमचन्द द्वारा)