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पूरे ब्रह्माण्ड में thought by Sneh premchand

जन्म मृत्यु। thought by snehpremchand

तन से आत्मा का संजोग ,जन्म कहलाता है,तन से आत्मा का वियोग मृत्यु ।।आत्मा अमर,अविनाशी है,तन तो किराए का घर है,रूह इस किराए के घर में एक निर्धारित समय के लिए है,यही ज़िन्दगी कही जाती है।।               स्नेहप्रेमचंद