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यादें

सपने

कब

यादगार

कभी कभी

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है गर अतीत के झोले से कुछ लम्हे चुराने का मौका मिलता तो मैं वे लम्हे चुराती जब बच्चे छोटे थे,और मेरे पास थे।।

धरती धोरा की

o फुर्सत

लागी है लग्न

पल पल

आहिस्ता आहिस्ता Thought by Sneh premchand

आइस्ता आईस्ता

बदलाव

साथ। thought by snehpremchand

गर कुछ लम्हे समेटने की इजाज़त मिलती,तो मैं ज़िन्दगी की कोख से वो लम्हे चुराती,जिनमे माँ साथ थी।।