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Showing posts with the label क्रोध

आओ इस बार की लोहड़ी में जला दें

सब सगे भाई बहन

मुस्कान

प्रेम वो प्रकाश है

लाजमी

हमने सुना है क्रोध न करो,पर क्या अन्याय ,अहिंसा देख कर भी क्रोध आना अनुचित है,द्रौपदी के चीरहरण के समय धृतर्राष्ट्र का क्रोध ज़रूरी था??????            Snehpremchand