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समझ लेना आजादी आ गई

**आजादी का मतलब मात्र परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त होना ही नहीं है,इसका व्यापक अर्थ देखें तो समझ आता है आजादी का अर्थ है अपने आपको किसी भी चीज़ का गुलाम ना बनने देना,जैसे व्यसनों का,मोबाइल के आवश्यकता से अधिक उपयोग करना** **आजादी का अर्थ है जिम्मेदारी की भावना को थोपा ना जाए बल्कि खुद आगे बढ़ कर जब हम सत्कर्म करें जिससे मात्र अपना ही नहीं परिवार,समाज,देश और विश्व का भला हो,यही आजादी है** **आजादी का एक अर्थ यह भी है जिन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की हंसते हंसते आहुति दी,उनके बलिदान की महत्ता को हम समझें कि यूं हीं नहीं मिली आजादी,जाने कितने वीरों ने भारत मां की रक्षा हेतु अपने प्राण गंवाए हैं,उनके परिवारों के लिए हमारे भीतर एक संवेदना हो,सहयोग करने की प्रवृत्ति हो,यही आजादी है** **आजादी के मायने यह कदापि नहीं होते हम जो जी चाहें करें, जो जी चाहें वही बोलें,जैसा जी चाहें कपड़े पहने,जो भी करें मर्यादा में रह कर और यह सोच कर कि मैं जो भी बोल रहा हूं उसका क्या परिणाम होगा,कहीं मैं मन,वचन वाणी से कोई ऐसा कर्म तो  नहीं कर रहा जो दूजे का मन दुखी हो*...

आजादी का अमृत महोत्सव(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

**आजादी का अमृत महोत्सव**  बड़ी धूमधाम से आओ मनाएं। आजादी के सही मायने गण और तंत्र दोनो को ही समझ में आएं।। माना ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिले तो आज हो गए हमे पूरे 75 साल। पर क्या खुद को आजाद कर पाए हम रूढ़ियों,अंधविश्वास और पुरातन कर्मकांडी परम्पराओं से???? आज भी निरूतर है ये यक्ष सवाल।। शौक भले ही पूरे ना हों पर जब तक पूरे तंत्र की आधारभूत जरूरतें पूरी नहीं होती,हम सही मायनों में आजाद नहीं कहला सकते।। मेरे दृष्टिकोण से तो मुझे आजादी के यही मायने समझ में आते हैं। जब हर वर्ग चढ़े **विकास की सीढ़ी पर** जब सर्वत्र शिक्षा के उजियारे आते हैं।। **अज्ञान के रावण पर जब ज्ञान के राम विजय पताका फहराते हैं** आलौकित हो जाता है प्रांगण हर मन मंदिर का,प्रगति की राह फिर अपनाते हैं।। **आजादी का अर्थ है**  अपना आत्मावलोकन कर आत्म मंथन करना और फिर उस विषय पर केंद्रित हो कर भरपूर प्रयास करना,अपने भीतर छिपी अथाह, असीमित,अनंत संभावनाओं को जान कर उनका नित नित संवर्धन करना!  हर प्रकार के भय से आजादी ही सच्ची आजादी है **सब निर्भय हों सब सुखी हों** तो रोज ही आजादी का महोत्सव है।। देश ...