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Showing posts with the label सच में

कड़वा है मगर है सत्य

मां

तूं मेरी जिंदगी है

समय पंख लगा कर उड़ गया

देवी सी

मां अब ए आंचल नहीं मिलता

सच में हो सुंदर जहान

छोटी सी लाडो((विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

नहीं आया

सच में मेरी बिटिया बडी हो गई

तेरा नाम होना चाहिए था दिलजीत

प्रेम न जाने सरहद कोई

कोई अधिकार नहीं(, thought by Sneh premchand)

दौर बदल जाते हैं( थाट बाय स्नेह प्रेमचंद)

दौर बदल जाता है

मां जैसा न कोई पाया( Thought by Sneh premchand)

मत लेना

मत लेना बददुआएं मा बाप की,जग प्रलय यआ जाती है। वो तो दुआओं का सतत बहने वाला झरना है,माँ तो जीवन में खुशियां लाती है।।