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आन बान शान अभिमान

और परिचय क्या दूं तेरा???
प्रेम,करुणा,अपनत्व अनुराग और धीरज।
कीचड़ रूपी इस जग सागर में,
 सच तूं खिली बन कर नीरज।।

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