कृष्ण कृष्ण कहते रहते हो क्या कभी कृष्ण सा बन पाओगे जिंदगी से पहले मौत की तैयारी सत्य ये हजम कर पाओगे अपने ही मामा का वध किया कान्हा ने क्या तुम ये सब कर पाओगे राजा बन कर बने सारथि क्या तुम ऐसा कर पाओगे क्या क्या नहीं छूटा कान्हा से क्या तुम सब ये छोड़ पाओगे मथुरा छूटी,मात पिता छूटे,छूटी राधा प्यारी बाल सखा छूटे,जन्मभूमि छूटी,सच में उनकी जिंदगी थी न्यारी इतना भी आसान नहीं है कृष्ण होना शायद समझ नहीं पाओगे