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खरामा खरामा

खरामा खरामा सफर जीवन का अपनी ही गति से चला जाता है,
जीवन के सफर में ओ हमसफ़र!
 अब साथ तेरा ही भाता है।।
जाने कितने ही उतार चढ़ाव 
आते हैं जीवन में,
खट्टे मीठे अनुभवों संग, 
रिश्ता ये गहराता है।
27 बरस का सफर संग पूरा हुआ,
प्रेम ही आधार है इस रिश्ते का,
मानो ये समझाता है।।
यूँ ही चलती रहे ये ज़िंदगानी,
सुख दुख तो जीवन में
 यूँ ही आता जाता है।।
हिना सा होता है यह नाता,
जो समय संग और भी श्यामल होता जाता है।।

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