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संस्कृति और संस्कार है बिहार

मात्र एक राज्य नहीं, एक क्षेत्र नहीं संस्कृति,ज्ञान,कर्मठता संस्कार है बिहार धरा है ये उन युग पुरुषों की निज ज्ञान समर्पण हिम्मत से दूर कर दिया जिन्होंने अंधकार इतिहास में अमर जगह,पहचान बनाई ये नाम करवाते यह सत्य स्वीकार  इसी धरा पर जन्म लिया जान नीति के जनक दाता **चाणक्य** ने, साम्राज्यों की नींव के जनक थे जिनके विचार मात्र राज्य नहीं, कोई क्षेत्र नहीं सोच संस्कृति संस्कार है बिहार दशरथ मांझी भी जन्मे इसी माटी में,अकेले ही काट पहाड़ एक नई राह बनाने का खोल दिया द्वार और नहीं तो क्या लगता नहीं ये चमत्कार रामधारी सिंह दिनकर और रेणु इसी माटी के दो कोहिनूर हुए अपनी लेखनी से जिन्होंने कर दिया चमत्कार **महर्षि वाल्मीकि** ने इसी धरा पर लिया था अवतार रच कर रामायण,पढ़ा कर पाठ समझा गए महता क्या होता है सत्य,मर्यादा,वाचनपालन,परिवार **पतिव्रता माता सीता**  भी जन्मी थी इसी माटी में जिनके त्याग,तप, कर्तव्यनिष्ठा से अछूता नहीं यह संसार **सम्राट अशोक** का संबंध भी है इसी माटी से, जाने उनकी महानता का सब सार  कलिंग युद्ध के बाद जागा हृदय में जिनके करुणा का सागर, युद्ध से शांति ...