*उम्र छोटी पर कर्म बड़े* यही परिचय है महिला क्रिकेट टीम का यही उनकी बनी पहचान साधारण पृष्ठभूमि पर असाधारण उपलब्धि बता हुई प्रतिभा नहीं मोहताज धन दौलत के, सच्चे प्रयासों से व्यक्ति बन सकता है धनवान कहां नहीं हैं बेटियां कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं अब इनसे हर ओर किया इन्होंने प्रस्थान बखूबी जानती हैं अपनी हर समस्या का समाधान कोसा न अपने परिवेश और परिस्थितियों को, दुविधा में सुविधा खोजने का जज्बा महान कर्म बदल सकता है भाग्य आज जान चुका है सारा जहान न रुकी न थकी ये कर्तव्य कर्मों का था इन्हें बखूबी भान लगन सच्ची,प्रतिबद्धता पक्की मेहनत कड़ी यही संकल्प को सिद्धि से मिलाने का उनका विज्ञान बढ़ी बेटियां,तोड़ी बेड़ियां बदली सोच,बदला जहांन