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मित्र वही

*मित्र वही जो आशंकित चित को सहज बना दे*

*मित्र वही जो जीवन चमन में 
हटा कांटे स्नेह सुमन खिला दे*

*मित्र वही जो निरस्त नहीं दुरुस्त करने में रखे विश्वास
मित्र वही जो महसूस करा दे
हो आप उस के लिए अति खास*

*मित्र वह जो जज ना करे जलील ना करे,मित्र वही जो सुख दुख में बने एक सुखद अहसास*

मित्र वही जो भले ही जाने राज सारे हमारे,पर राज को राज ही रहने दे,कभी किसी के आगे ना खोले
बिन कहे ही समझ जाए दिल की
बेशक लब हमारे कुछ ना बोलें

*मित्र वही जो चित में आनंद का अनहद नाद बजा दे
मित्र वही जो बिखरे बिखरे से मन के प्रांगण को हर्षोल्लास से सजा दे*

*मित्र वही जो मावास में पूनम का चांद खिला दे 
मित्र वही जो आहट मन को राहत 
दिला दे*

*हर ले चित से हर चित चिंता,चेन की शीतल बयार चला दे
मित्र वही जो रेगिस्तान में हरियाली ला दे*

*उलझी उलझी सी राहों को बड़ी सरलता से सुलझा दे
मित्र वही जो सुख संग दुख भी कर ले साझे,राग द्वेष जड़ से मिटा दे*

*संवाद संबोधन रखे सदा मधुर जो,
मौन से भी दिल की बात बता दे
सलाह मशवरा दे सदा सही वो,
हो गांठ कहीं तो सुलह करा दे*

*मित्र वह जो स्नेह संग दे सम्मान सदा
हो गलती तो सही लहजों में समझा दे*

*मित्र वही जो खूबियों को सराहे सबके सामने पर खामियों को अकेले में बतलाए
मित्र वही जो करे सहयोग सदा
तन आह्लादित और मन पुलकित कर जाए*

*मित्र वही जो पढ़ ले बिन किसी पूर्वाग्रह के जीवन की किताब
मित्र वही जो किसी बात ना मांगे कभी हिसाब
मित्र वही जो खिला रहे हर हाल में जैसे खिलता हो कोई गुलाब*

*मित्र वही जो पढ़ ले पेशानी पर आई परेशानी
बन जाए समाधान हर समस्या का
ना करे कभी नादानी*

भले ही कुछ भी कह लें हम मित्रों को,
पर मजाक कभी लांघे ना सरहद कटाक्ष की,हो ना मित्र की कभी मान हानि

*मित्र वही जो सुझाव सलाह हिदायत चेतावनी भी दे तो अपनेपन का भाव हो उसमें प्रबल
मित्र वही जो निर्बल को बना दे सबल
मित्र वही जो स्पेस संग स्नेह सम्मान भी दे सदा,दुविधा का निकाले वह हल 
हर हाल और हर हालातों में मित्र संवारे हमारा। आज और कल*

उद्वेलित चित को शांत कर दे,हर चक्रव्यूह से बाहर निकालने का करे मित्र सदा भरसक प्रयास
मित्र तो चयन होते हैं हमारा,
सच मित्र होते हैं बड़े खास
खून के नाते में बांधना भूल जाता है जिन्हें विधाता
मित्र रूप में फिर भेज देता है हमारे पास
दबाव नहीं प्रभाव है दोस्ती
दोस्ती तो बदल सकती है इतिहास

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