सुख तो सबके संग हो जाते हैं साझे पर दुख भी कर सके संग साझे जिसके, *वह नरेश है* सलाह तो सब दे देते हैं पर जो सच्ची सलाह दे, वह नरेश है परवाह बताती है कि स्नेह कितना है परवाह को जो दरकिनार नहीं करता,वह नरेश है नातों को जो स्नेह के जल से मुलाकात की खाद से और अपनत्व की गर्मी से सींचे,कभी कटाक्ष के लहजे ना अपनाए,जो दिल में है,लबों पर लाए,वही नरेश है मात्र बीबी बच्चे ही नहीं बल्कि भाई बहनों को भी परिवार माने,प्राथमिक रखे,वही नरेश है फोन तो रोज ही करते हैं लोग, जो बिन नागा के फोन करे, हमारी जिंदगी से जुड़ा रहे, *वह नरेश है* हर नाते से राल मेल बिताए चलता जाए कभी रुके ना,कभी थके ना,कभी पेशानी पर परेशानी ना लाए **वह नरेश है** भावनात्मक संबल का कम्बल ओढ़ाना आए जिसे,वह नरेश है दूसरों के लिए भी जो बन जाता है बुरा पर साफ बोल दे वह नरेश है खुद मझधार में हो कर भी औरों को साहिल का पता बताए,जिंदगी के सागर में नाव भले ही कितने थपेड़े खाए,पर नाव को जो साहिल तक ले आए,वह नरेश है हर नाते से जो ताल मेल बिताए चलता जाए,कभी रुके नहीं,कभी थके ...