चित में करते थे वास
अभाव का प्रभाव बताता है कोई
जीवन में कितना होता है खास
जिंदगी के रंगमंच से अचानक यूं चले जाना,अपूरणीय क्षति अति दुखद आभास
सदा के लिए तो रहने नहीं आया कोई इस जग में
पर आप का जाना जैसे तन से निकल गई हो श्वास
हे ईश्वर!
शांति देना दिव्य दिवंगत आत्मा को
आज यही आप से है अरदास
पूर्वोत्तर का लाल तूं बड़ा कमाल तूं
तेरे अभाव का प्रभाव बता गया तूं कितना खास
क्या प्रसिद्ध है आसाम का पूछा किसी ने जुबिन दा से तो मिला जवाब
राइनो,चाय और जुबिन
उनकी विदाई ने यही लगाया हिसाब
अपने कर्मों की स्याही से लिखी जुबिन ने अपनी किताब
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