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दुआ दिल की

आदरणीय Navneet Jijaji,

आज आपका 60वाँ जन्मदिन है…
एक ऐसा पड़ाव जहाँ पीछे मुड़कर देखें तो त्याग है,
आगे देखें तो आशीर्वाद भरा समय है।

आपने जीवन को कभी शब्दों से नहीं,
हमेशा कर्मों से जिया है।
आपका शांत, गंभीर और स्थिर स्वभाव
हम सबके लिए एक सहारा रहा है 
जैसे गर्मी में ठंडी छाँव। 

वर्षों तक रोज़ का सफर,
लेक्चरर के रूप में अनगिनत विद्यार्थियों का भविष्य सँवारना,
घर की जिम्मेदारियों में चुपचाप हाथ बँटाना,
अपनी जरूरतों को सबसे पीछे रखना 
ये सब कोई साधारण बात नहीं।
ये प्रेम का वो रूप है जो दिखता कम है,
पर परिवार की हर धड़कन में बसा होता है।

Anna और Mitthu के लिए
आप सिर्फ पिता नहीं,
जीवन जीने का तरीका हैं।


आपने सादगी को अपनाया,
न्यूनतम में संतोष पाया,
और हमें सिखाया कि
महानता शोर में नहीं,
चरित्र की शांति में होती है।

इस वर्ष जब आप सेवानिवृत्त हो रहे हैं,
तो यह अंत नहीं 
यह उस जीवन की शुरुआत है
जिसमें अब जिम्मेदारियाँ तो होंगी ही 
साथ ही अपने लिए समय होगा।

ईश्वर आपको स्वस्थ शरीर,
निर्मल मन,
और अपनों का स्नेह यूँ ही देता रहे।
जन्मदिन की भावपूर्ण शुभकामनाएँ, Jijaji।
आपका जीवन हमारे लिए आशीर्वाद है।

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