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हर आंगन में नहीं खिलता हुनर(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

Comments

  1. मनुष्य को अपने अंदर के हुनर बतलाने वाली एक अत्यंत ही सुन्दर रचना...

    ईश्वर ने सभी व्यक्तियों में कोई ना कोई हुनर/प्रतिभा देकर अपने घर से हमे इस भूमि पर भेजा है.... स्वयं को हमेशा प्रतिभाशाली समझना चाहिए और खुद की प्रतिभा की खोज कर उन पर निरंतर कार्य करते रहना चाहिए 😊

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