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ले लो अपनी शरण में राम

ले लो अपनी शरण में राम
जाने कब आ जाए शाम
जाने कब आ जाए शाम
हो तुम ही मेरे तीर्थ
हो तुम ही चारों धाम
ले लो अपनी शरण में राम
ले लो अपनी शरण में राम

तेरी भगति में है शक्ति
कहें पवन पुत्र हनुमान
हे राघव हे रघुनंदन
मेरा भी दूर करो अज्ञान
एक नाम तेरा लेने से
मेरे हो जाते हैं सारे काम
ले लो अपनी शरण में राम
जाने कब आ जाए शाम
हो तुम ही मेरे तीर्थ
हो तुम ही चारों धाम




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