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राघव प्यारे

Comments

  1. क्या खूब लिखा राघव प्यारे पर भर भर के डाले हैं उन्होंने आपने गुण सबसे न्यारे तभी तो भाव है आपके इतने प्यारे...

    मेरा मन अयोध्या हो जाता हैं जब में पढ़ती हूं आपके विचार ये प्यारे राम को समाया है कृति में बहुत प्यार से पढ़ने के बाद लगे चारो ओर उजियारे... पढ़ कर मेरा तो मन बहुत खुश हुआ रे..

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