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कभी कभी

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कुछ लोगों को ईश्वर कितनी फुर्सत में बनाता है
दिमाग तो देता ही है अच्छा
दिल में भी करुणा भाव जगाता है
ब्यूटी विद ब्रेन इस जग में
कहीं कहीं नजर आता है
कर्म करने की इच्छा
बचपन से ही जगाता है
इस फेरहिस्त में नाम तेरा
मां जाई शीर्ष पर आता है
उम्र छोटी पर कर्म बड़े
मुझे तो यही समझ में आता है
भाग्य नहीं सौभाग्य रहा ये मेरा
जो बना तुझ से मां जाई का नाता है
आसान नहीं था अंजु बनना
तेरी जिंदगी के सफर के हर पड़ाव में कोई न कोई मार्ग अवरोधक आता है
पर ना रुकी कभी न थकी कभी
मां से यही मिला संस्कार तुझे
सच में ऐसे लोगों को ईश्वर फुर्सत में बनाता है

Comments

  1. वाह वाह वाह.... बहुत ही सुन्दर कृति श्लाघ्य है कृति की एक एक पंक्ति... पढ़ कर मेरा तो मन अनुरंजित हो गया..
    दिमाग तो देता ही है अच्छा
    दिल में भी करुणा भाव जगाता है
    ब्यूटी विद ब्रेन इस जग में
    कहीं कहीं नजर आता है
    बहुत ही सुन्दर पंक्तियां लिखी..


    मुझे तो इन पंक्तियों में झलक आपकी भी दिखी..
    आपको भी ईश्वर ने बड़ी फुरसत से बनाया है तभी इतनी अच्छी लेखनी लिखना इतने सुंदर भावो को सुन्दर रूप से समझाना मां का और मां जाई का प्यार हर किस्से में बताना... ये इतने सुंदर गुण यूं ही तो नही होते ये तभी होते हैं जब ईश्वर बड़ी फुरसत से किसी को है बनाता अपना अनमोल खजाना है उसमे समाता...

    ब्यूटी विद ब्रेन का उदाहरण भगवान
    ने आपको भी तो बनाया हैं तभी गुणों का भंडार आपमें में भी समाया हैं

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