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Showing posts from July, 2026

बरस 20 का भयो री विश्वदीप((मां के दिल की दुआ 31/07/2026))

मुबारक हो तुमको जन्मदिन सुहाना

गुरुपूर्णिमा विशेष(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

*किसी भी बात को जो निरस्त नहीं दुरुस्त करे, वही गुरु है* *हमारी खूबियां को पहचाने और हमारी खामियों को दूर करने की कोशिश करे, वही गुरु है* *हमारे भीतर छिपे हनुमान को जो बाहर निकाल कर ले आए यानि हमारी सुप्त शक्तियों को जो जगाने का सामर्थ्य रखता हो,वही गुरु है* *विकारों का शमन करवाए और सद्गुणों का विकास करवाए,वही गुरु है* *अपने ज्ञान,विवेक और मार्ग दर्शन से जो हमारा चहुमुखी विकास करे, वही गुरु है* *अपने ज्ञान का जो सतत अभिवर्धन करे,हर संभावित संभावना को अच्छे से खंगाले, वही गुरु है* *हमारी क्षमताओं का पूर्ण दोहन कर जो हमें धरा से अम्बर की ओर ले जाए,वही गुरु है* *हमारी सफलता पर जो हमसे भी अधिक प्रसन्न हो जाए,हमारी उपलब्धि उसे अपनी उपलब्धि लगे और हमारी असफलता में भी जो हमारे साथ खड़ा हो, वही गुरु है* *जीवन के कुरुक्षेत्र में जो बन सारथी कृष्ण सा हर अर्जुन को कर्म की गीता का संदेश देकर पथ प्रदर्शन करे,वही गुरु है* *कर्म को आनंद बता कर जो परमानंद की अनुभूति करवाए,कठिन राहों को आसान बनाए,हमारे पैशन को प्रोफेशन बनवाने में जो हमारी मदद करे, वही गुरु है* *हमारी रुचियों का संवर्धन और मूल्यों का...

गुरुपूर्णिमा विशेष

अपने ये होते हैं

प्रकृति ने ही करके भेजा है मां का श्रृंगार

भाग्य नहीं सौभाग्य था मेरा

कर्म का अनहद नाद सतत बजाया

सबसे अच्छी लाइफ लाइन मां

साधारण परिवेश परवरिश असाधारण व्यक्तित्व मां का

जब पट खोले अलमारी के

मैं गंगा नगर हूं

रूह रेजा रेजा(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

रूह रेजा रेजा दिल तार तार अमानवीय घटना,मानवता शर्मसार कब तक चीर हरण होता रहेगा द्रौपदी का, कब तक आंचल होता रहेगा दागदार??? सबके घरों में हैं बहन बेटियां फिर ऐसी कुंठित सोच क्यों??  क्यों चित में इतने भयावह विकार कब आएगा रामराज्य कब होगी हर बाला सुरक्षित कब सही सोच को मिलेगा आकार??? चांद पर पहुंच गया है भारत पर अपनी बहन बेटियों को नहीं रख पाता सुरक्षित हर बार कभी कहीं कभी कहीं  नारी अस्मिता हो जाती है तार तार *भोग्या नहीं भाग्य है नारी* आखिर कब समझेगा यह संसार तभी लगती हैं आग कहीं कहीं सुनामी आती है बहन बेटियों संग जब होता है ऐसा प्रकृति भी कुपित हो जाती है हरी भरी फुलवारी को यह कौन बना गया रेगिस्तान क्यों इतना कामी हो गया प्राणी कब समझेगा वह नादान सही मायने में शिक्षा का अर्थ  तभी समझ में आएगा *सबकी बेटी हमारी बेटी*  यह भाव  जब चित में घर कर जाएगा

कहीं नहीं जाती मां

मां कहीं गई नहीं

नमन,वंदन,अभिनन्दन,चन्दन से डॉक्टर्स को

डॉक्टर्स डे