अपने तो अपने होते हैं जिंदगी के किसी भी मोड पर मिल लो उनसे, भाव भीने से संग होते हैं ना कोई गिला करते ना कोई शिकायत भाव वात्सल्य से प्रेम सूत्र में पिरोते हैं दिल पर दस्तक दे जाते हैं हम भाव विभोर हो जाते हैं जो चले गए उनका मलाल करने से बेहतर है जो हैं उनके हाल पूछते रहें,समझो हम उन अपनों को श्रद्धांजलि दे रहे होते हैं कई बार हम इतने मसरूफ हो जाते हैं गैरों में,अपने मौन से सब कह रहे होते हैं