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पूर्ण नहीं सम्पूर्ण होती है मां

बहुत मुबारक

*प्रेमपुत्र तूने बड़े प्रेम से  निभाया अपना हर किरदार* *सुख,समृद्धि और सफलता दे दस्तक तेरी जिंदगी के द्वार* *जन्मदिन पर जन्म बच्चे का ही नहीं, एक मा का भी जन्मदिन होता है, जब मां मां बनती है पहली बार* *मां को याद करना है बहुत जरूरी आज,कितने दिल से करती थी मां प्यार* *एक मां की दुनिया में बच्चे ही होते हैं, मां का पूरा संसार* *अपनी जान पर खेल हमें इस जग में लाने वाली मां को नमन और वंदन  बारम्बार* *ऊपर से भी दे रही होगी दुआएं मेरी मां मेरे मां जाए को, कर लेना भाई स्वीकार* *65 बसंत देख लिए तूने जीवन के कोई भी पतझड़ ना छीने तुझ से कोई बहार* *स्नेह ने तो चला दी लेखनी स्नेह भरे दिल से,इसे ही समझ लेना मेरी ओर से सच्चा उपहार* ल

जाने क्यों

सुयोग्य पात्र

कड़वा है मगर है सत्य

शतक लगाना

लम्हे

कोई भी खास दिन और भी खास हो जाता है गर अपनत्व से भरे लोग साथ में हों हमारे सच्चा बैंक बैलेंस होते हैं सच्चे नाते,सच्ची दोस्ती, कहती हूं मैं सांझ सकारे कुछ लोग स्थाई सा निवास बना दिखाई देते हैं चित में, खंगाले जब भी अंतर्मन के गलियारे