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तन हर्षित और मन प्रफुल्लित

तन हर्षित और मन प्रफुल्लित हो जाता है जब संग हो हमारे मां जाई।
है कौन सी ऐसी भोर सांझ???
जब तूं न हो जेहन में आई???????
        स्नेह प्रेमचंद

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