Zubeen Singer Composer Instrumentalist Noble soul Golden heart Loveable Kind (( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))
एक नहीं बारह इंस्ट्रूमेंट्स बजाना जिन्हें बखूबी आता था
ऐसे थे जुबिन दा जिनका मानवता से सच्चा नाता था
मात्र गायक,संगीतज्ञ,लेखक ही नहीं
थे वे सच्चे मसीहा जिन्हें औरों के दर्द उधारे लेना आता था
काल के कपाल पर चिन्हित हो जाती हैं कुछ घटनाएं ऐसी,
यूं हीं तो नहीं सबके दिलों पर दस्तक से कर वह नगमे गाता था
कला बहुत लोगों की अच्छी होती है
पर कला संगीत संग दिल भी उन्हें
बहुत अच्छा बनाना आता था
आत्मिक लगाव ही तो है जो आज हर आंख नम है उन्हें तो परायों को भी अपना बनाना बड़ा भाता था
मात्र असम का दिल असम की धड़कन ही नहीं थे वे,
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