Skip to main content

Posts

चल पथ पर तू निर्भय हो कर

सागर की गहराई नाप सकते हैं

खुला आकाश है पिता

फादर्स डे

लफ़्ज़ नहीं लहजे

बेटी से मधुर कोई अहसास नहीं

पूर्ण नहीं सम्पूर्ण होती है मां