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जन्मदिन की बहुत बधाई(( दुआ बहन स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

लम्हा लम्हा बीत गए 
जीवन के 65 साल

समय समय पर जाने कितने ही बदले होंगे हालात और हाल

समय अपनी गति से चलता रहा अपनी ही चाल 

तू भी चलता रहा तू बढ़ता रहा गौरव हमारा बनता रहा,
 हल करता रहा हर एक सवाल

तू खुश रहे स्वस्थ रहे,हमारा भाई बड़ा कमाल
क्लासिकल संगीत के प्रति अगाध प्रेम तेरा सच में बेमिसाल

पाक कला में भी कर ली हासिल प्रवीणता,नातों को लेता है
संभाल

लहजे भले ही थोड़े तल्ख़ हैं तेरे,
पर निर्मल चित है तेरा ओ मेरी मां के लाल

जो सोचता है वही बोलता है
दिल दिमाग दोनों में सामंजस्य रखता है हर हाल

समय संग समझने लगा है प्रेम से बढ़ कर कुछ भी तो नहीं,प्रेम पुत्र रखने लगा है सबका ख्याल
हम भी समझते हैं तुझ को भाई
अपने जीवन की ढाल

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