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हमारा गौरव हमारा अभिमान एल आई सी( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा)

*दिल पर दस्तक,जेहन में बसेरा,चित में निगम के पक्के निशान* 1/9/56 भारत के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा गया,इसी दिन जन्म हुआ lic का,उद्देश्य  सिर्फ बीमा करना नहीं था,उद्देश्य था इसका अति महान  *जीवन बीमा को देश के हर वर्ग तक पहुंचाना,और हर परिवार में सुरक्षा का विश्वास जगाना* इसी उद्देश्य को संग ले कर चली एल आई सी,पहना सदा सुरक्षा और विश्वाश का अमर परिधान गांव,नगर,महानगर तक तकनीक और सेवा के माध्यम  से करोड़ों तक पहुंच बना ली इसने, व्यापक प्रभाव और गहरी सोच,सफर इतना भी नहीं था आसान Lic की ताकत उसके आंकड़ों में नहीं उन करोडों सपनों में है जिन्हें सुरक्षा का सहारा मिला,जाने जग इसका परिणाम समय बदला तकनीक बदली जो बदल नहीं पाया वह है विश्वाश निगम का, नहीं हम उस सत्य से अनजान *भई 70 बरस की एल आई सी हमारी, हमारा गौरव,हमारा अभिमान* दशक बदले,पीढ़ियां बदली,बदला जो कभी नहीं वह था *भरोसा* हुए जिससे हम धनवान पीढ़ियों से सुरक्षित पीढ़ियों तक कायम यही है एक आई सी की असली ताकत,अमूल्य विश्वास सच गुणों की खान 1/9/26 मात्र केलेंडर की एक तारीख नहीं है,यह तो महान जनसंस्था की 70 बरसो...

रक्षा बंधन प्यारा सा बंधन+( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा)

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दोस्ती प्रभुत्व नहीं है