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कोई पैमाना नहीं बना प्रेम का

नहीं बना पैमाना कोई प्रेम का,
जो नाप ले प्रेम की गहराई।
सागर का भी एक तला तो है,
पर प्रेम की थाह किसी ने न पाई।।

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