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और परिचय क्या दूं आपका???!?

  किस किस उपाधि से नवाजे आपको????
आप तो अति सम्मान के हो हकदार
आप सरीखे *युग पुरुष* 
नहीं लेते जन्म धरा पर बार बार

चैंपियन ऑफ सोशल जस्टिस,
नारी जाति के लिए संवेदनशील,
ज्ञान का अथाह भंडार
11 स्वर और 33 व्यंजन भी कम हैं,
गुण थे बाबा साहेब में बेशुमार

32 डिग्री लेने वाले,9 भाषाओं के  ज्ञाता,भारतीय संविधान के शिल्पकार
हर हिंदुस्तानी ऋणी रहेगा आपका
आपके योगदान को शत शत नमस्कार

54 विषयों के मास्टर,भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना करने वाले, पीएफ देने वाले,
आपने ही हर नागरिक को दिलाया मताधिकार 

रविवार की छुट्टी दिलाने वाले,
हर कर्मचारी को आठ घंटे काम करने का दिलाया अधिकार

शोषण ना हो किसी जन का,
यही प्राथमिक रहा आपका विचार

और परिचय क्या दूं आपका????
अति विविध और विहंगम थी आपकी सोच,आपका संसार

हे विश्व रत्न! हे बोधित्सव!
 नहीं आप सा कोई महान इतिहासकार
ज्ञान का प्याला पीया आकंठ आपने, बने देश के कर्णधार

ग्रिड सिस्टम के संस्थापक,
बहु उद्देश्य बांध परियोजना बनाने वाले,
 सच में प्रेरणापुंज के जैसे अवतार

आपने ही तो महिलाओं को दिलाया था शिक्षा का अधिकार
उनके सम्मान और हक के लिए *हिंदू कोड बिल*भी ही देन आपकी,
*मातृत्व अवकाश*का मिला अधिकार
नारी शक्ति रहेगी सदा आभारी आपकी,जीवन में उनके आत्म सम्मान का किया संचार

महामानव,युगपुरुष,युग प्रवर्तक कहें तो अतिशयोक्ति ना होगी,
ऐसा मेरा ही नहीं, है सबका विचार

महान संपादक,विचारक,विद्यार्थी, वक्ता और महान पत्रकार
*एक व्यक्तित्व अनेक कृतित्व*
 महान लेखक महान इतिहासकार

इतना भी कोई कैसे कर सकता है
अंतर्मन में विचरण करता है ये विचार

महान सत्याग्राही,महान बौद्ध,
प्रथम कानून मंत्री,महान क्रांतिकारी अनेक गुणों के अथाह भंडार

महान मानव,वंश शास्त्री,महान कायदे पंडित,महानतत्वज्ञ,
वकील, महान इतिहासकार
व्यक्ति एक गुण अनेक
लगता है हो जैसे चमत्कार

हे महामानव!  हे युग पुरुष!
हे युग प्रवर्तक!
 हुआ तुम को पाकर धन्य संसार
बाबा साहब डॉक्टर भीम राव अंबेडकर जी के 133 वें जन्मदिन पर
दुआओं का लगा है अंबार

धन्य हुई धरा भारत की,
हुआ धन्य ये सारा संसार
आप सिखा गए समूचे विश्व को
शिक्षा ही है सबसे मजबूत हथियार
व्यक्ति चला जाता है
पर अमर रहते हैं उसके विचार
विचरण करते रहते हैं विचार जगत में,लाभान्वित होता है सारा संसार
एक अलग ही माटी से बनाता है विधाता इनको,
विपरीत परिस्थितियों से बिखरते
नहीं निखरते हैं ये,
शिक्षा संग मिलते हैं इन्हें संस्कार
आगामी पीढ़ियां शायद ही यकीन कर पाएंगी
आप  सरीखा कोई युग पुरुष रहा है धरा पर,कहानियां आपकी बड़े गौरव से उन्हें सुनाएंगी
काल के कपाल पर चिन्हित हो जाते हैं कुछ लोग जहां में,
इस फेरहिस्त में अग्रणीय है आप का नाम
असली परिचय पत्र होते हैं व्यक्ति के काम

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