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राम नवमी विशेष(( स्तुति स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

आओ जानें कौन है राम?????

 राम होना बहुत कठिन है
 राम होना मतलब 
त्याग,मर्यादा,सत्य, धर्म का पर्याय होना

 राम मतलब संघर्ष चुनौतियों का पग पग पर सामना करना

 राम मतलब अपने सुख से ऊपर आमजन का सुख देखना,चित्र भले ही अच्छा ना हो पर चरित्र उत्तम होना

राम मतलब माता-पिता का आज्ञाकारी होना छोटे भाइयों से प्रेम करना पथ पथ पर उनका सही मार्गदर्शन करना 

राम मतलब संयम की पराकाष्ठा 
 राम मतलब भगत के वश में होना प्रेम वश शबरी के झूठे बेर खाना 

पत्थर की शिला बनी अहिल्या का उद्धार करना
 हर स्थिति में हर मित्र का साथ देना 

राम मतलब किसी को छोटा बड़ा ना समझना,गुरुजनों की आज्ञा मानना
 
हनुमान तरीके भगत का
 सच्चा आराध्या बनना

 राम मतलब मित्रता,नाते,
 सब दिल से निभाना 

राम मतलब नारी अस्मिता का संरक्षक होना 

 राम मतलब अधर्म पर धर्म की विजय होना ,अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध होना

राम मतलब विधि के विधान को सहज चित से स्वीकारना,
कभी भाग्य को ना कोसना,
किसी ने अगर बुरा भी किया हो तो उस पर आवेश में आ कर दोषारोपण ना करना

 राम मतलब ना अन्याय करना ना  सहना 

 राम मतलब सहज वीर विनम्र शक्तिशाली और मर्यादित होना

राम मतलब कुशल प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारित कर उसी दिशा में एकाग्रचित हो संकल्प को सिद्धि से मिलाना

राम मतलब गुणों का विकास और विकारों का ह्रास 

राम मतलब आत्म मंथन कर आत्मसुधार कर आत्म शुद्धि की राह पर अग्रसर होना

राम नाम का छोटा सा भी अंश जिस चित में होगा
कोई रावण वहां आने का साहस नहीं कर सकेगा

 रावण रूपी विकारों का जिस भी चित में शमन हो जाएगा
वहां राम नाम।का अंकुर विराट वृक्ष बन जाएगा

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