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खामोशियां

रूठी हुई खामोशियों से बोलती हुई शिकायतें भली होती हैं।
कुछ कह ली दिल की,कुछ सुन ली दिल की,कह सुन कर सहजता फिर नही सोती है।।
      Snehpremchand

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