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उठ लेखनी thought by snehpremchhand

उठ लेखनी आज कुछ ऐसा काम करेंगे।
साहित्य के आदित्य से रोशन करेंगे जहां को,
जननी पर कुछ लिख कर,अच्छे कर्मों के फॉम भरेंगे।
एक अक्षर के छोटे से शब्द में सिमटा हुआ है पूरा जहांन।
न कोई है,न कोई होगा,माँ से बढ़ कर जभी महान।।

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