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प्रेम ही जीवन है

प्रेम ही जीवन है,प्रेम ही ज्योति है,है प्रेम ही जीवन का आधार।
जिसने पढ़ ली पाती प्रेम की,
सकल जग है उसका परिवार।।
स्नेहप्रेमचन्द

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