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चारों मां जाई

काल के कपाल पर चिन्हित हो जाती हैं कुछ बातें,
आज वो बातें फिर याद आई।
एक वो वक्त भी था,
कितनी जचती थी ये चारों मां जाई।।
इनमे से है एक मां मेरी,
जीवन की सबसे मधुर शहनाई।।

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