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न्यारे by snehpremchand

मयस्सर हों सदा खुशियाँ
ज़मीदोज़ हो जाएं गम सारे।
यही दुआ मांगते हैं मात पिता जग में,
सच मे ही रच दिए न्यारे।।
            स्नेहप्रेमचन्द

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