Skip to main content

गर तुम साथ हो(( विचार स्नेह प्रेमचंद)

*हर सफर हो जाता है आसान
गर तुम साथ हो*

*हर समस्या का मिल जाता है समाधान गर तुम साथ हो*

*जीवनपथ बन जाता है सहज पथ,
गर तुम साथ हो*

*हर मौज मिल जाती है साहिल से,
गर तुम साथ हो*

*हर सुर को मिल जाती है सरगम,
गर तुम साथ हो*

*हर प्रेमचमन में खिल जाते हैं स्नेह सुमन,गर तुम साथ हो*

Comments