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रावल्स और रोहिल्लास का अभिमान(( स्नेह मौसी के दिल से))

*रावल्स और रोहिल्लास*
 का है तूं लाडो अभिमान।
चालाकी तो छू कर भी नहीं गई तुझे मुन्ना,
तेरा अपना ही "औरा*
अपनी ही शान।।

*अमित और सुमी की प्रेम निशानी*
*प्यारी सिया तेरी दिल से दीवानी*
*दादा दादी के कालजे की कौर*
*सच में तेरे जैसा नहीं कोई और*
*अधिक शब्दों से नहीं मेरी दोस्ती
तूं जीवन की सुंदर सी भोर*

तूं करे तरक्की जीवन में लाडो,
तेरे सपनों को मिले अनंत उड़ान।
प्रेम सुता की सुता है तूं
प्रेम बने तेरा परिधान।।
संवाद बेशक कम होते हों तुझ से,
पर गहराई संबंध की चढ़ती रहेगी परवान।।

कभी यूं हीं बेवजह फोन कर लिया कर मुन्ना!
 देती रहेंगी आहटें दिल पर दस्तक,
तो स्नेह भाव छोड़ते रहेंगे निशान।।

रावल्स और रोहिल्लास का सच में लाडो तूं अभिमान।।
चिकित्सा क्षेत्र में परचम लहराए तेरा,
तेरी तेरे ही दम पर बने पहचान।।
यही दुआ देती हूं आज 23 वें जन्मदिन पर तेरे,
सच में बेटी से बड़ा नहीं कोई वरदान।।
           स्नेह मौसी के दिल से

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