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स्वाभाविक(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

मतभेद होना स्वाभाविक है मनभेद होना नकारात्मक

बहस होना स्वाभाविक है 
अहंकार होना नकारात्मक

कभी कभी मन उदास होना स्वाभाविक है
पर अवसादग्रस्त होना नकारात्मक

कभी कभी किसी कर्म का फल ना मिलना स्वाभाविक है
पर कर्म ही ना करना नकारात्मक

शब्द मेरे भाव तेरे

Comments

  1. सकारात्मकता एवम नकारात्मकता का विश्लेषेण करने वाली एक उत्कृष्ट कृति 💯😊

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