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कोई तुझ से सीखे(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

*कैसे करते हैं बड़ों से बात,कोई तुझ से ये सीखे*

"क्या होती है प्रतिबद्धता और मर्यादा,कोई तुझ से सीखे*

*अच्छी सोच,सत्कर्म और
 सुपरिणाम की त्रिवेणी बहाना 
कोई तुझ से सीखे*

*मलिन मनों से धुंध कुहासे हटाना कोई तुझ से सीखे*

*मोह और प्रेम में अंतर करना कोई तुझ से सीखे*

*जिंदगी लंबी भले ही ना हो,पर जितनी भी हो उसमे कर्म बड़े हों,ऐसी विचारधारा कोई तुझ से सीखे*

*दिल से कैसे होते हैं कनेक्टेड,
कोई तुझ से सीखे*

*उच्चारण आचरण एक सा करना कोई तुझ से सीखे*

*रिश्तों में सामंजस्य और मधुरता बनाना कोई तुझ से सीखे*

*एक मां जाई की नजर में क्या होती है मां जाई,कोई तुझ से सीखे*

*विषम परिस्थितियों में भी धीरज धरना कोई तुझ से सीखे*

*अंबर सी ऊंचाई छूने पर भी कोई धरा से जुड़ना तुझ से सीखे*

*कैसे करते हैं दर गुजर,कैसे करते हैं दरकिनार,कोई तुझ से सीखे*

*अग्निपथ को सहजपथ बनाना कोई तुझ से सीखे*

*कर्म तो करना ही है,सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता,कर्मठता का पाठ पढ़ना और आत्मसात करना कोई तुझ से सीखे*

*अंतर्मन के गलियारों में विचरण करना कोई तुझ से सीखे*

*आत्म मंथन कर आत्म सुधार कर
बेस्ट परिणाम लाना कोई तुझ से सीखे*

*करुणा का अनहद नाद बजाना  कोई तुझ से सीखे*

*भगति में होती है कितनी शक्ति कोई तुझ से सीखे*

*प्रेम सुता थी प्रेम से जीता सबके दिल को,प्रेम परिभाषा कोई तुझ से सीखे*

*अधिकार और जिम्मेदारियों को सही रूप में जानना कोई तुझ से सीखे*

*मधुर वाणी और मधुर व्यवहार कोई तुझ से सीखे*

*जीवन भले ही छोटा था तेरा
पर सोच बहुत बड़ी थी मां जाई
तेरा जीवन चरित्र तो सच में ही 
है एक शिक्षा और शिक्षण संस्थान
मेरी छोटी सी सोच को बात ये इतनी समझ आई

Comments

  1. Wow mam ... amazing 😍

    अच्छी सोच,सत्कर्म और
    सुपरिणाम की त्रिवेणी बहाना
    कोई तुझ से सीखे*

    Bhaut hi khub

    ReplyDelete

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