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नहीं हो सकता

यह किताब मात्र एक किताब नहीं
एक ऐसी जर्नी है एक ऐसा सफर है
जिसके लिए शब्दावली संभव नहीं

यह किताब एक ऐसा *दर्पण* है जिसमें मां जाई का वास्तविक अक्स नजर आता है

यह किताब एक ऐसा *भाव सागर* है जिसका हर हर्फ भावों में गोता खा कर ही पन्नों की स्याही में तब्दील हुआ है

यह किताब उन अनुभूतियों की अभिव्यक्ति है जो सच लिखने के लिए बरसों से बेताब थी

यह किताब स्नेह ने स्नेह रंगों से स्नेहिल भाव चित में लेकर उकेरी है
उस रंगरेज के बारे में बताती है यह जो आकंठ प्रेम रंग में रंगी हुई थी और जिसने प्रेम चित्र हर दिशा और हर दशा में बनाए

यह किताब उस कर्मठता,साहस,जोश,जज्बे और जुनून की कहानी है जिससे मां जाई का चित आजीवन सजा रहा

यह किताब बताती है बड़े सपने देखो अपने पंखों को उड़ान दो फाश से अर्श तक पहुंचा जा सकता है

इस बात पर भी प्रकाश डालती है यह किताब कि *कर्म बदल सकते हैं भाग्य*
परिवेश और परवरिश को ना कोस अपनी हिम्मत से व्यक्ति आसमान की बुलंदियों को छू सकता है

यह किताब बताती है एक ही व्यक्ति m ज्ञान,मधुर बोली और मधुर व्यवहार तीनों का संगम हो सकता है
जैसे मां जाई रही

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