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हर चित्र कुछ कहता है

एक चित्र हजार शब्दों से अधिक कहता है

हाथ ना छुटे,साथ ना टूटे

साथ ना टूटे,हाथ ना छुटे जिंदगी के सफर में साथी साथ निभाना मतभेद भले ही हो जाए पर मनभेद की बयार कभी ना चलाना हर बाधा को कर लेंगे आधा बस यूं हीं सच्चा साथ निभाना

जिंदगी के सफर में ओ हमसफर

जिंदगी के सफर में ओ हमसफर देख सदा ही साथ निभाना मैं तुझसे तू मुझसे पूरा साथ सफर में यूं हीं चलते जाना

कोई तो ज़िद फड़ लो यारो

संकल्प प्रतिबद्धता ही हैं सच्चे गुरु

मुबारक मुबारक जन्मदिन मुबारक(( दुआ स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

**कुछ लोग जेहन में ऐसे बस जाते हैं, जैसे बच्चे घर में घुसते ही मां को आवाज लगाते हैं**  *दिल पर देते रहते हैं दस्तक, जगह से भले ही दूर चले जाते हैं* *रोज मुलाकात भले ही ना हो उनसे, पर जब भी होती है मुलाकात होती है बात उसमें, दिल में खुशी के दीये बिन माचिस के जल जाते हैं* *न कोई गिला,ना कोई शिकायत, ऐसे रिश्ते भाग्य से ही बन पाते हैं* *मैने सम्भाल कर रखे हैं दिल की तिजौरी में वे अनमोल से पल, जो जीवन के किसी मोड़ पर  हमने साथ बिताए थे जी चाहता है करवा लूं एफ डी उनकी, हम संग संग कितना हर्षाए थे ब्याज रूप में महसूस करूं वह अनुभति, जिससे दिल के नाते गहराए थे* *जब भी देखती हूं पीछे मुड़ पर,  वे लम्हे अहसास सुखद दे जाते हैं कुछ लोग जेहन में ऐसे बस जाते हैं जैसे सावन भादों में कोयल पपीहे मन में हूक मचाते हैं* *कुछ साथ होते ही ऐसे हैं, फेविकोल के जोड़ से मजबूती से चिपक जाते हैं* *दिल के नाते भी बहुत गहरे होते हैं ये सपनों में भी बिन बुलाए दौड़े चले आते हैं* *कौन है सनी?? जब पूछा किसी ने मुझे वे गुजरे लम्हे किसी रील की भांति चलते नजर आते हैं* जिस दिन *पा* गए  सनी मेरे...

श्रद्धांजलि