जुड़ाव thought by snehpremchand March 28, 2020 गर मुलाकातें ही प्रेम या दोस्ती का होते एकमात्र आधार होते तो पीर जग आज भी शाम से पहले राधा का नाम न लेता।कृष्ण के द्वारकाधीश बनने के बाद तो राधा की उनसे मुलाकात ही नही हुई।रूह से जुड़ाव तन के जुड़ाव से ज़्यादा ज़रूरी है।। स्नेहप्रेमचंद Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Labels मुलाकात Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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