Skip to main content

जुड़ाव thought by snehpremchand

गर मुलाकातें ही प्रेम या दोस्ती का होते एकमात्र आधार होते तो पीर जग आज भी शाम से पहले राधा का नाम न लेता।
कृष्ण के द्वारकाधीश बनने के बाद तो राधा की उनसे मुलाकात ही नही हुई।
रूह से जुड़ाव तन के जुड़ाव से ज़्यादा ज़रूरी है।।
        स्नेहप्रेमचंद

Comments