Skip to main content

मात्र जिह्वा के स्वाद की खातिर

मात्र जिह्वा के स्वाद की खातिर
क्यों मुझ पर चलाते हो तुम कटार??
आए हो जो इस प्राणी जगत में,
करो न हर प्राणी से प्यार।।।
        स्नेह प्रेमचन्द

Comments