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आओ मौन से कुछ संवाद करते हैं Thought by Sneh premchand

आओ मौन से कुछ संवाद करते हैं
पड़ गई हैं जो मनों में गांठें,
उन्हें खोलने का प्रयास करते हैं।।
           स्नेह प्रेमचन्द

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