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गर तुम साथ हो(Thought on करवाचौथ by Sneh premchand)

हर खुशी हो जाती है हासिल,
अगर तुम साथ हो।।
 जिंदगी हो जाती है खूबसूरत,
अगर तुम साथ हो।।
 हर परेशानी का मिल जाता है हल,
गर तुम साथ हो।।
 चित चिंता बन जाती है चित चैन,
 अगर तुम साथ हो।।
सहरा बन जाता है गुलिस्तान,
अगर तुम साथ हो।।
 कांटे बन जाते हैं फूल,
 अगर तुम साथ हो।।
उदासी बन जाती है जिजीविषा,
अगर तुम साथ हो।।
 अवसाद विषाद बन जाता है उल्लास,
 अगर तुम साथ हो।।
रंग बन जाते हैं सुंदर रंगोली, 
अगर तुम साथ हो।।
 हर तूफान आकर गुजर जाता है,
अगर तुम साथ हो।।
खिल जाता है इंद्रधनुष जीवन का,
अगर तुम साथ हो।।
शायद प्रेम भरे इस साथ का भाव ही करवा चौथ है।।
         स्नेह प्रेमचंद

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