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बिन बोले भी(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

Comments

  1. BIN BOLE BHI SIRF APNE SHABDO SE PITA KI SUNDER PARIBHASHA......ATI UTTAM....PURA SAAR....PITA KE ASTITAV KA..........BAHUT SUNDER👍👍👍👍👍🥰🥰🥰

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  2. बहुत ही सुन्दर पंक्तियां....
    पिता की संपूर्ण विशेषता इस कृति में है समाई... स्नेह मैम ने सच में पिता की हर एक खूबी इस कविता में है रचाई तभी तो ये मेरे हृदय को है बहुत बहुत भायी ....

    मावस के अंधकार में पूनम से चांद सा उजियारा लाता है वो पिता सच मे जीवन मे विधाता है

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